Akhter का वर्ल्ड रिकॉर्ड चकनाचूर? उमरान मलिक ने फेंकी इतनी रफ्तार से बॉल!

IPL में जबर्दस्त प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में एंट्री पाने वाले उमरान की बॉलिंग मशीन पर अंकित 163.7 kph के साथ तस्वीरें ट्विटर पर वायरल हो रही हैं। हालांकि NBT इस तरह के दावे को पुख्ता नहीं करता है। एक और बात, अगर उमरान ने इस स्पीड से गेंद की भी होगी तो इसे ऑफिशली ICC रिकॉर्ड बुक में शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि यह प्रैक्टिस सेशन है न कि इंटरनेशनल मैच।

नियाभर के बल्लेबाजों के लिए रेड अलर्ट बनकर उभरे उमरान मलिक को लेकर दावा किया जा रहा है कि 163.7 kph की रफ्तार से बॉल फेंकी जो शोएब अख्तर के वर्ल्ड रिकॉर्ड से कहीं अधिक तेज है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टी-20 के लिए अभ्यास सत्र के दौरान यह कारनामा किया। हालांकि इस बारे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से किसी तरह का बयान जारी नहीं किया गया है।

IPL में जबर्दस्त प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया में एंट्री पाने वाले उमरान की बॉलिंग मशीन पर अंकित 163.7 kph के साथ तस्वीरें ट्विटर पर वायरल हो रही हैं। हालांकि NBT इस तरह के दावे को पुख्ता नहीं करता है। एक और बात, अगर उमरान ने इस स्पीड से गेंद की भी होगी तो इसे ऑफिशली ICC रिकॉर्ड बुक में शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि यह प्रैक्टिस सेशन है न कि इंटरनेशनल मैच।

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज गेंद फेंकने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 2003 में इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान के विश्व कप मैच में 161.3 किमी / घंटा की रफ्तार गेंद की थी। दूसरी ओर, उमरान ने हाल ही में IPL 2022 के मुकाबले में 157 kph की रफ्तार से बॉल की थी जो IPL की तीसरी सबसे तेज थी। उमरान एक ओवर में ही लगातार 155 Above से लगातार गेंदबाजी कर सकते हैं।

यही वजह है कि रवि शास्त्री से लेकर हरभजन सिंह तक उमरान को भारतीय टीम में शामिल करने की वकालत कर रहे थे। अब उमरान की टीम इंडिया में एंट्री हो गई है और प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने का इंतजार है। इस बारे में टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ ने इशारे ही इशारे में कहा कि उन्हें अभी इंतजार करना होगा।

उन्हें लेकर कोच द्रविड़ ने कहा 'उन्होंने निश्चित रूप से तेज और तेज गेंदबाजी की। एक और चीज जो बाहर से आईपीएल देखना मेरे लिए दिलचस्प रहा है वह है तेज गेंदबाजी करने वाले भारतीय गेंदबाजों की संख्या। वो सीख रहे हैं। वह युवा हैं और वह बेहतर हो रहे हैं। वह जितना खेलेंगे उतना बेहतर होंगे। हमें देखना होगा कि हम उसे कितना समय दे सकते हैं हमें रियलिस्टिक होने की जरूरत है। हमारे पास एक बड़ी टीम है सभी को प्लेइंग इलेवन का समय देना संभव नहीं है।

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