दुनिया में बहुत से धर्म है और सबके अपने अपने रीत रियाज भी सबी धर्म में मैं हिंदू धर्म सबसे अलग है। हिन्दू धर्म सबसे पुराना और अनोखा है यहाँ तक की अन्य धर्म भी अब इसे फॉलो करना लगा है केवल रीत रियाज। हिंदू शादी एक उत्सव के जैसा माना जाता है। इनमे से एक रिवाज़ शादी में मंगलसूत्र का है जब तक लड़की मंगल सूत्र नहीं पहचान है वो अधूरी होती है। और पूरी लाइफ उसे फॉलो करती है मंगलसूत्र को औरत की सुहागन होने की पहचान होती है। भारतीय महिला मंगलसूत्र को अपनी जान से ज्यादा प्यार करती है।

मंगलसूत्र शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है “मंगल” और “सूत्र”। इसका अर्थ है वह सूत्र जो पवित्र हो। मंगलसूत्र को हिन्दू धर्म में पवित्र सूत्र समझा जाता है भारत की संस्कृति में मंगलसूत्र को स्त्रियों के सुहाग का रक्षा कवच माना जाता है।

मंगलसूत्र को विवाह का प्रतीक चिन्ह और सुहाग की निशानी माना जाता है। इसलिए विवाह के बाद सुहागन स्त्रियां इसे पहनती हैं l
मंगलसूत्र धारण करने का यह नियम परंपरागत तौर पर सदियों से चला आ रहा है।शादी के समय सजी दुल्हन पर सबकी नजर  होती है। इससे दुल्हन को नज़र लगने का डर भी होता है। मंगलसूत्र में पिरोए गये काले मोती से काल यानी अशुभ शक्तियां दूर रहती है। मंगलसूत्र बुरी नज़र से रक्षा करता  है इसी कारण विवाह के समय दुल्हन को मंगलसूत्र पहनाया जाता है। 

मंगल सूत्र के विषय में यह भी कहा गया है कि इससे पति पर आने वाली विपत्तियां दूर होती है।

कहा जाता हैं मंगलसूत्रपति के प्रति प्रेम की निशानी होता है
मंगलसूत्र में सोने का पेंडेंट लगा होता है। शास्त्रों में कहा गया है कि सोना धारण करने से शरीर शुद्ध होता है। स्नान के समय सोने का स्पर्श करके जो पानी शरीर पर गिरता है उससे पापों से मुक्ति मिलती है। मंगलसूत्र में मोर का चिन्ह बना होता है जो पति के प्रति प्रेम का प्रतीक माना जाता है। पेंडेंट पर कुछ अन्य चिह्न भी बने होते हैं जो बुरी नज़रों से बचाने वाले माने जाते हैं।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सोना गुरू के प्रभाव में होता है। गुरू ग्रह को वैवाहिक जीवन में खुशहाली, संपत्ति एवं ज्ञान का कारक माना जाता है। यह धर्म का कारक भी है। काला रंग शनि का प्रतीक माना जाता है। गुरू और शनि के बीच सम संबंध होने के कारण मंगलसूत्र वैवाहिक जीवन में सुख एवं स्थायित्व लाने वाला सूत्र माना जाता है।


हिंदू धर्म में विवाह के उपरांत वर वधु को मंगलसूत्र अपने हाथों से पहनाता है। मंगलसूत्र का संबंध पति की कुशलता से होता है। हिंदू स्त्रियां सदा सुहागन रहने के लिए इसे पहनती हैं। मंगलसूत्र पहनने से पति पत्नी के बीच रिश्ता अच्छा रहता है
शास्त्रों के हिसाब से मंगलसूत्र पहनने के कुछ नियम हैं 
मंगलसूत्र में हमेशा काले और पीले,दोनों मोती होने चाहिए। 
आजकल फैशन की आड़ में महिलाएं अलग-अलग डिजाईन का मंगलसूत्र बनवाती हैं।
किन्तु डिजाईन कैसा भी हो,यह मंगलसूत्र काले और पीले मोतियों से ही बना होना चाहिए।
नियमो के अनुसार एक वैवाहिक महिला को अपना मंगलसूत्र कभी नहीं उतारना चाहिए। कभी किसी दूसरी महिला को अपना मंगलसूत्र पहनने को  नही देना चाहिए न ही किसी का मंगलसूत्र लेना चाहिए नियमो के अनुसार एक शादी शुदा महिला को अपना मंगलसूत्र कभी नहीं उतारना चाहिए न किसी दूसरी महिला को अपना मंगलसूत्र पहनने को देना चाहिए l

 मंगलसूत्र पहनने का तरीका- फायदा- नुकसान:-

हमारे देश में कई पराम्पराएं और रीति रिवाज बनाए गए हैं। हर रस्म में कुछ अलग अलग मानयताएं बनाई गई हैं जिन्हें सदियों से लोग निभाते चले आ रहे हैं। उन्हीं में से एक है जो महिलाओं के जीवन का सबसे अहम हिस्सा होता है। अगर बात शादी की रस्म करें तो इस रस्म में भी कईं अन्य छोटी छोटी रस्में शामिल की जाती हैं। इन्ही में से मंगलसूत्र पह्नाने की रस्म भी एक है। 

हिन्दू धर्म में शादी का ख़ास महत्व है। शादी में हर वर और वधु को अगले सात जन्मों तक एक दूसरे का साथ देने के सात वादे लिए जाते हैं। इन वादों के बाद वर अपनी वधु को मंगलसूत्र पहनाता है और शादी संपन्न हो जाती है। 
जब तक स्त्री के  पति उसके साथ रहता है वह मंगलसूत्र गले में पहने रखती है, पति के रहते गले से मंगलसूत्र उतारना अशुभ माना जाता है।

आज हम आपको एक ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं जो स्त्री के सुहाग से एक गहरा नाता रखती है। चौका देने वाली बात यह है कि अभी तक हम जो आदते कहीं ना कहीं करते आ रहे हैं उनका हमारे जीवन में एक गहरा प्रभाव पड़ता है। अब चाहे वो छोटी से छोटी या बड़ी से बड़ी चीज ही क्यूं ना हो। आज हम आपको मंगलसूत्र से जुड़ी कुछ ऐसी बाते भी हैं जो किसी को नही पता न किसी ने पहले कभी नहीं सुनी होगी यदि आप इन तरीको से मंगलसूत्र पहनकर रहते है तो आपको यह आदतें बदलनी होंगी वरना आपके सिर से आपके सुहाग का साया हमेशा के लिए उठ भी सकता है।

ये पांच सही तरीके-
किसी भी स्त्री को अन्य किसी स्त्री से मंगलसूत्र मांगकर नहीं  पहना चाहिए।
ऐसा करने से पति की आयु कम होती है अथवा दुखों का आगमन होता है।
यदि किसी महिला का मंगलसूत्र अचानक गले से टूट के गिर जाता हैं तो उसे अपशगुन माना जाता हैं! ऐसे में पति के स्वास्थ को हानि या रिश्तो में दरार हो सकती हैं इसलिए गले में कभी भी कमजोर मंगलसूत्र ना धारण करे। 
इन  सभी  बातो से  पता चलती  है मांगालसूत्र की  सच्चाई क्या  है और क्यो है ये ज़रूरी है l
2 thoughts on “भारतीय महिलाओं में मंगल सूत्र का महत्व !”

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