योगी आदित्य नाथ द्वारा रोजगार के अवसर के लिए प्रोत्साहन करना।हुनर हाट का आयोजन किया गया हुनर का मतलब होता है किसी भी कला या विधा में पारंगत. हाट का अर्थ बाजार होता है. इस तरह से हुनर हाट का मतलब हुआ ऐसे कारीगरों का बाजार जहां उनकी चीजें बिकती हैं. हुनर हाट के परंपरागत दास्तकारों, शिल्पकारों और खानसामों को प्रोत्साहन मिलता है और उनका मनोबल ऊंचा होता हैं l

Lucknow:-हुनर का मतलब होता है किसी भी कला या विधा में पारंगत. हाट का अर्थ बाजार होता है. इस तरह से हुनर हाट का मतलब हुआ ऐसे कारीगरों का बाजार जहां उनकी चीजें बिकती हैं. हुनर हाट के परंपरागत दास्तकारों, शिल्पकारों और खानसामों को प्रोत्साहन मिलता है और उनका मनोबल ऊंचा होता हैं lहुनर का मतलब होता है किसी भी कला या विधा में पारंगत. हाट का अर्थ बाजार होता है. इस तरह से हुनर हाट का मतलब हुआ ऐसे कारीगरों का बाजार जहां उनकी चीजें बिकती हैं. हुनर हाट के परंपरागत दास्तकारों, शिल्पकारों और खानसामों को प्रोत्साहन मिलता है और उनका मनोबल ऊंचा होता हैं l
 आत्मनिर्भर भारत’, ‘आत्मनिर्भर कारीगर’ का एक बड़ा मंच है और स्वदेशी उत्पादों का एक प्रामाणिक ब्रांड बन गया है. हुनर हाट में स्वेदशी सामानों को बढ़ावा दिया जाता है. हुनर का अर्थ है किसी कला में पांरगत और हाट का मतलब है बाजार. हुनर हाट से मतलब है कि किसी कला में पारंगत कारीगर या उस्तादों और उनके उत्पाद को बाजार मुहैया कराना. हुनर हाट में भी यही होता है. इस हाट में अलग-अलग हुनरमंद लोग अपने उत्पादों के साथ शामिल होते हैं. यह एक तरह से मेला होता है जहाँ कई तरह की कलाओ का प्रदर्शन किया जाता हैं
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 11 जनवरी 2020 को यूपी हुनर ​​हाट /लखनऊ हुनर हाट का उद्घाटन किया .. हुनर हाट एक 10 दिवसीय कार्यक्रम है
 पिछले 3 वर्षो में ‘हुनर हाट’ के माध्यम से 3 लाख से ज्यादा दस्तकारों, शिल्पकारों, खानसामों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए गए हैं. इनमें बड़ी संख्या में महिला कारीगर एवं दास्तकार शामिल हैं.” केन्द्र सरकार में जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि हुनर हाट भारत की पारम्परिक ताकत और हुनर को अवसर मुहैया करा रहा है. यह भारत की पारंपरिक संस्कृति, विरासत को जानने-समझने का एक बड़ा मंच साबित हुआ है. जिसमे महिलाओ को भी अधिक से अधिक जागरूक किया गया है
हुनर हाट से होने वाले फायदे:-
 “हुनर हाट” में लाखों लोग आते हैं वहीं दूसरी ओर लोग करोड़ों रुपये की दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी सामानों की जमकर खरीदारी भी करते हैं. पिछले लगभग 5 साल में “हुनर हाट” के माध्यम से 5 लाख से ज्यादा दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर मिले हैं. “हुनर हाट” से देश के कोने-कोने की शानदार, जानदार, पारंपरिक दस्तकारी, शिल्पकारी की विरासत को और मजबूती और पहचान मिली है. आने वाले दिनों में “हुनर हाट” का आयोजन मैसूर, जयपुर, चंडीगढ़, इंदौर, मुंबई, हैदराबाद, नई दिल्ली, रांची, कोटा, सूरत/अहमदाबाद, कोच्चि, पुडुचेरी जैसी जगहों पर होगा.
“हुनर हाट” में लाखों लोग आते हैं वहीं दूसरी ओर लोग करोड़ों रुपये की दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी सामानों की जमकर खरीदारी भी करते हैं. पिछले लगभग 5 साल में “हुनर हाट” के माध्यम से 5 लाख से ज्यादा दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर मिले हैं. “हुनर हाट” से देश के कोने-कोने की शानदार, जानदार, पारंपरिक दस्तकारी, शिल्पकारी की विरासत को और मजबूती और पहचान मिली है. आने वाले दिनों में “हुनर हाट” का आयोजन मैसूर, जयपुर, चंडीगढ़, इंदौर, मुंबई, हैदराबाद, नई दिल्ली, रांची, कोटा, सूरत/अहमदाबाद, कोच्चि, पुडुचेरी जैसी जगहों पर होगा.हुनर हाट l
दिल्ली, मुंबई, प्रयागराज, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुडुचेरी, इंदौर आदि स्थानों पर ‘हुनर हाट’ आयोजित किए जा चुके है.
इन शहरों में सजेगा बाजारअगला ‘हुनर हाट’ का आयोजन चंडीगढ़ में 13 मार्च से 22 मार्च, 2020 तक आयोजित किया जाएगा. आने वाले दिनों में ‘हुनर हाट’ का आयोजन गुरुग्राम, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, देहरादून, पटना, भोपाल, नागपुर, रायपुर, पुडुचेरी, अमृतसर, जम्मू, शिमला, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, अजमेर आदि में प्रस्तावित है. आने वाले कई वर्षों मे हुनर हाट से लोगो को एक नई  पहचान मिलेगी lआज  हमारे देश  मे  कलाकरो की कमी नहीं और और आज हमारा देश आत्म निर्मभर  देश है  जहा ” हुनर हाट “इसकी एक अलग पहचान है l

 

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